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बदलते दौर में हमारे आसपास काफी कà¥à¤› बदल रहा है। हमारी लाइफ सà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤², खाने-पीने की आदतें और उमà¥à¤° के हिसाब से हमारे शरीर की जरूरतें à¤à¥€...। बचपन से यà¥à¤µà¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ तक शरीर ऊरà¥à¤œà¤¾ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होता है, लेकिन उमà¥à¤° बढ़ने के साथ यह ऊरà¥à¤œà¤¾ कम होने लगती है और चालीस पार होते-होते परेशानियों का सिलसिला बढ़ने लगता है। महिलाओं में सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ थोड़ी जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ जटिल होती हैं। बà¥à¤¤à¥€ उमà¥à¤° की à¤à¤¸à¥€ ही à¤à¤• बीमारी है ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤ªà¥‹à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸à¥¤ डबà¥à¤²à¥à¤¯à¥‚à¤à¤šà¤“ की हालिया रिपोरà¥à¤Ÿ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° हारà¥à¤Ÿ डिजीज के बाद ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤ªà¥‹à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ विशà¥à¤µ की दूसरी सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करने वाली बीमारी है। यह बीमारी पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ की अपेकà¥à¤·à¤¾ महिलाओं में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होती है।
ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤ªà¥‹à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ : खोखली होने लगती हैं हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚
ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤ªà¥‹à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ को खोखली हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की बीमारी à¤à¥€ कहते हैं। à¤à¤¸à¥€ बीमारी, जिसमें हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की मजबूती और घनतà¥à¤µ कम होता जाता है। केजीà¤à¤®à¤¯à¥‚ के आरà¥à¤¥à¥‹à¤ªà¥‡à¤¡à¤¿à¤• सरà¥à¤œà¤¨ डॉ. गिरिश सिंह बताते हैं कि ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤ªà¥‹à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ बीमारी है, जिसमें कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® और विटामिन डी की कमी के कारण बोन मास (घनतà¥à¤µ) कम हो जाता है और हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ à¤à¥à¤°à¤à¥à¤°à¥€ हो जाती हैं।
दरअसल हमारी हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, फॉसà¥à¤«à¥‹à¤°à¤¸ और पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ के अलावा कई पà¥à¤°à¤•ार के मिनरलà¥à¤¸ से बनी होती हैं। बढ़ती उमà¥à¤°, पलà¥à¤¯à¥‚शन व बदलती लाइफ सà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² के साथ ये पोषक ततà¥à¤µ कम होने लगते हैं, जिससे हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ इतनी कमजोर हो जाती हैं कि छोटी-सी चोट à¤à¥€ फà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤šà¤° का कारण बन जाती है। फà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤šà¤° जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° कूलà¥à¤¹à¥‡, कलाई या रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ में होते हैं।
महिलाà¤à¤‚ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होती हैं इस बीमारी की शिकार
ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤ªà¥‹à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ चालीस की उमà¥à¤° के बाद महिलाओं को जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करती है। केजीà¤à¤®à¤¯à¥‚ के ऑरà¥à¤¥à¥‹à¤ªà¥‡à¤¡à¤¿à¤• सरà¥à¤œà¤¨ डॉ. अजय सिंह के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• डबà¥à¤²à¥à¤¯à¥‚à¤à¤šà¤“ की à¤à¤• रिसरà¥à¤š के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤° में हर 3 में 1 महिला और 8 में à¤à¤• पà¥à¤°à¥à¤· इस बीमारी से पीड़ित हैं।
महिलाओं में इस बीमारी के जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होने की à¤à¤• बड़ी वजह मीनोपॉज है। महिलाओं के शरीर में कà¥à¤› à¤à¤¸à¥‡ हॉरà¥à¤®à¥‹à¤‚स होते हैं, जो उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ इस बीमारी से दूर रखते हैं, लेकिन बढ़ती उमà¥à¤° में जब इन हॉरà¥à¤®à¥‹à¤‚स का बनना कम होने लगता है तो बीमारी की आशंका à¤à¥€ बढ़ जाती है। इसके अलावा कà¥à¤› à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ को à¤à¥€ इसकी वजह मानते हैं। मां बनने के बाद महिलाà¤à¤‚ अपने बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाती हैं, जिससे उनके शरीर में कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® की कमी होने लगती है।
कई बार खान-पान पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ न देने के कारण à¤à¥€ उस कमी की à¤à¤°à¤ªà¤¾à¤ˆ नहीं हो पाती, जिससे आगे चलकर दिकà¥à¤•à¥à¤¤à¥‡à¤‚ होने लगती हैं। डबà¥à¤²à¥à¤¯à¥‚à¤à¤šà¤“ की रिसरà¥à¤š के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• महिलाओं में हिप फà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤šà¤° की आशंका उतनी ही बनी रहती है, जितनी सà¥à¤¤à¤¨ कैंसर, यूटरस कैंसर और ओवेरियन कैंसर की होती है।
महिलाओं में 45 से 50 साल और पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ में 55 साल के आसपास इस बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। महिलाओं में à¤à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨ हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨ की कमी से मीनोपॉज के बाद यह समसà¥à¤¯à¤¾ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ आम है। यह हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨ महिलाओं को हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के साथ-साथ दिल की समसà¥à¤¯à¤¾ से à¤à¥€ बचाता है। हालांकि, कई बार पीरियडà¥à¤¸ जलà¥à¤¦ खतà¥à¤® होने या किसी और हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨ के डिसबैलेंस की वजह से हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ जलà¥à¤¦à¥€ कमजोर होने लगती हैं।
40 की उमà¥à¤° के बाद करवाà¤à¤‚ बीडीटी
अगर आपकी उमà¥à¤° 40 के पार है और कमर दरà¥à¤¦, शरीर में दरà¥à¤¦ या हलà¥à¤•ी चोट पर à¤à¥€ फà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤šà¤° होने की शिकायत है तो बोन डेंसिटी टेसà¥à¤Ÿ (बीडीटी) करवाà¤à¤‚। इसे डेकà¥à¤¸à¤¾à¤¸à¥à¤•ैन कहते हैं। डेकà¥à¤¸à¤¾ का मतलब डà¥à¤¯à¥‚ल à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€ à¤à¤•à¥à¤¸-रे अबà¥à¤¸à¥‰à¤°à¥à¤ªà¤Ÿà¥€à¤“मेटà¥à¤°à¥€ है। इस तरह के सà¥à¤•ैन को à¤à¤¡à¥€à¤à¤•à¥à¤¸à¤ सà¥à¤•ैन à¤à¥€ कहा जाता है। केवल दरà¥à¤¦ की आम समसà¥à¤¯à¤¾ है तो à¤à¥€ विशेषजà¥à¤ž की सलाह से टेसà¥à¤Ÿ करवा लेना चाहिà¤à¥¤ जरूरी नहीं है कि हर दरà¥à¤¦ ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤ªà¥‹à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ या ऑरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ का ही हो, लेकिन टेसà¥à¤Ÿ से à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ की समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं से बचा जा सकता है।
ये होते हैं मà¥à¤–à¥à¤¯ कारण
ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤ªà¥‹à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ होने के बहà¥à¤¤ से कारण हैं, लेकिन सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ परेशानी उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ होती है जो फिजिकली कम à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ होते हैं। इसके अलावा ये कारण à¤à¥€ हो सकते हैं :
•जेनेटिक फैकà¥à¤Ÿà¤°
•पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨, कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, शरीर में
विटामिन डी की कमी
•बढ़ती उमà¥à¤° à¤à¥€ है à¤à¤• वजह
•बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सॉफà¥à¤Ÿ
डà¥à¤°à¤¿à¤‚कà¥à¤¸ पीना
•सà¥à¤®à¥‹à¤•िंग
•डायबीटीज, थायरॉइड जैसी बीमारियां
•दवाà¤à¤‚ (दौरे की दवाà¤à¤‚, सà¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‰à¤¯à¤¡ आदि)
•महिलाओं में जलà¥à¤¦à¥€ पीरियडà¥à¤¸ खतà¥à¤® होना या मीनोपॉज की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿
इलाज
ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤ªà¥‹à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ के इलाज में मेडिकल और नॉन मेडिकल दोनों पहलà¥à¤“ं का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखा जाता है। मेडिकल में दवाà¤à¤‚, इंजेकà¥à¤¶à¤¨ और सरà¥à¤œà¤°à¥€ शामिल हैं, जबकि नॉन मेडिकल में हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को मजबूत बनाने वाली à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ, पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ और कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® से à¤à¤°à¤ªà¥‚र डाइट पर फोकस किया जाता है।
डायट
पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ और कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® से à¤à¤°à¤ªà¥‚र डाइट लें। पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ के लिठफिश, सोयाबीन, सà¥à¤ªà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤Ÿà¥à¤¸, दालें, मकà¥à¤•ा और बीनà¥à¤¸ आदि को खाने में शामिल करें। कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® के लिठदूध और दूध से बनी चीजें जैसे पनीर, दही जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खाà¤à¤‚।
à¤à¤¸à¥‡ करें पहचान
•शरीर में लगातार थकावट
•हाथ-पैरों में दरà¥à¤¦
•कमर में दरà¥à¤¦
•छोटी-सी चोट पर हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का टूट जाना
•मॉरà¥à¤¨à¤¿à¤‚ग सिकनेस
•काम की इचà¥à¤›à¤¾ न करना
ये सावधानियां बरतें
•खाने में कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® और पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ यà¥à¤•à¥à¤¤ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ को शामिल करें।
•हर रोज कम से कम 15-20 मिनट धूप में जरूर बैठें।
•हर रोज कम से कम 45 मिनट à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ जरूर करें। चाहें तो आउट डोर गेमà¥à¤¸ à¤à¥€ खेल सकते हैं।
•सà¥à¤®à¥‹à¤•िंग और शराब से दूर रहें।
•समसà¥à¤¯à¤¾ होने पर डॉकà¥à¤Ÿà¤° से जलà¥à¤¦ से जलà¥à¤¦ संपरà¥à¤• करें। खà¥à¤¦ अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° न बनें। समसà¥à¤¯à¤¾ गंà¤à¥€à¤° होने पर जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ परेशानियां हो सकती हैं।
•मीनोपॉज होने पर महिलाà¤à¤‚ समय-समय पर अपनी जांच करवाà¤à¤‚, ताकि बीमारी से बचा जा सके।
पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤•ातà¥à¤®à¤• चितà¥à¤°
ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤ªà¥‹à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ और आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ में होता है फरà¥à¤•
ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤ªà¥‹à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ का मतलब होता है बोन मास में कमी के कारण हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का कमजोर हो जाना, जिससे हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ जरा-सी चोट लगने पर टूट जाती हैं। वहीं, आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤¿à¤Ÿà¤¸ जोड़ों में मौजूद तरल पदारà¥à¤¥ के खतà¥à¤® हो जाने की बीमारी है, जिससे जोड़ों में दरà¥à¤¦ और सूजन रहती है। वैसे तो आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ को बà¥à¤¢à¤¼à¤¾à¤ªà¥‡ की बीमारी कहा जाता था, लेकिन मेडिकल रिपोरà¥à¤Ÿà¥à¤¸ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• अब यà¥à¤µà¤¾ à¤à¥€ इसकी चपेट में आने लगे हैं।
शरीर में कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® कितना जरूरी है
शरीर का 99% कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में सà¥à¤Ÿà¥‹à¤° रहता है और उसी से जरूरत के हिसाब से खून में घà¥à¤²à¤•र अंगों में पहà¥à¤‚चता रहता है। खून में कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® की मातà¥à¤°à¤¾ 8.5 से 10.2 डेसी लीटर बनाठरखना जरूरी है। इससे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ या कम दोनों सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ शरीर पर बà¥à¤°à¤¾ असर डालती हैं। कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और दांतों को मजबूती देने के अलावा तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ाओं और मांसपेशियों के ठीक ढंग से काम करने से लेकर खून जमने तक में बड़ी à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¤¾ है। à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• हर दिन शरीर को इतना कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® चाहिठहोता है :
19-50 साल : 800-1000 मिलीगà¥à¤°à¤¾à¤®
51-70 साल : 1000-2000 मिलीगà¥à¤°à¤¾à¤®
71 साल से ऊपर : 1200-2000 मिलीगà¥à¤°à¤¾à¤®
गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाà¤à¤‚ : 1500-2000 मिलीगà¥à¤°à¤¾à¤®
इलाज और à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ दोनों जरूरी
ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤ªà¥‹à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ से बचने और इसके इलाज, दोनों के लिठà¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ बहà¥à¤¤ जरूरी है। ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤ªà¥‹à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ से बचने के लिठफिजिकल à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¿à¤Ÿà¥€ सबसे जरूरी है। जिस à¤à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ पर बार-बार सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ पड़ेगा, वहां कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® और मिनरल जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बनेंगे, जिससे हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ मजबूत होंगी। वॉकिंग à¤à¤• बेहतरीन à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ है। कोशिश करें कि महिलाà¤à¤‚ रोज 45 मिनट तक चलें। इसके अलावा जंपिंग, सà¥à¤•िपिंग, जॉगिंग, साइकलिंग, सà¥à¤µà¤¿à¤®à¤¿à¤‚ग के साथ गेमà¥à¤¸ à¤à¥€ खेले जा सकते हैं।
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